पहला दिन
६ नवंबर २०२६ (शुक्रवार)
धनतेरस
भगवान धनवंतरी पूजन, सोना-चांदी, बर्तन एवं यम दीपदान करने का शुभ दिन।
दूसरा दिन
७ नवंबर २०२६ (शनिवार)
छोटी दिवाली / रूप चौदस
उबटन स्नान, उजियाला करना और हनुमान पूजा का विशेष महत्व।
तीसरा दिन
८ नवंबर २०२६ (रविवार)
लक्ष्मी-गणेश पूजन
दीपावली मुख्य पर्व! प्रदोष काल में माँ लक्ष्मी, सरस्वती और श्री गणेश का विधि-विधान से पूजन।
चौथा दिन
९ नवंबर २०२६ (सोमवार)
गोवर्धन पूजा / अन्नकूट
भगवान श्रीकृष्ण एवं गोवर्धन पर्वत की पूजा तथा अन्नकूट का भोग।
पाँचवां दिन
१० नवंबर २०२६ (मंगलवार)
भैया दूज
भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक, यम द्वितीया पूजन और तिलकोत्सव।